सोमवार, 4 मार्च 2013

खुद के विवेक



अंधविश्वास पर नहीं खुद के विवेक पर भरोसा करें

 
 


आज भी बड़े पदों पर बैठे कई लोग आपको मिल जायेंगे, जो लकी नंबर, लकी कलर और लकी डे के आधार पर ही काम करते हैं. हर डीलिंग और हर प्रोजेक्ट के पहले ज्योतिषीय सलाह उनके लिए जरूरी होता है. अगर आप भी उसी श्रेणी में आते हैं, तो अब खुद के विवेक पर भरोसा करना शुरू कर दें.इसी संदर्भ में एक कहानी को देखें और मनन करें.
 
एक राजा अपने सारे काम ज्योतिषी से मुहूर्त निकलवा कर किया करते. एक बार उनका मन शिकार पर जाने का किया. राज ज्योतिषी से पूछा, तो उसने बताया- गणना के अनुसार आज का दिन शिकार के लिए बड़ा शुभ है.


राजा अपने दल-बल के साथ राज्य की सीमा से लगे जंगल में पहुंच गया. मार्ग में कुम्हार की एक झोपड़ी दिखायी दी. कुम्हार ने राजा और उसके दल का यथा संभव सत्कार किया और चलते समय एक निवेदन करने की अनुमति मांगी. राजा ने कहा- बोलो कोई समस्या है क्या? कुम्हार ने कहा- इस समय आप महल लौट जायें, शिकार पर जाने से मुसीबत में फंस सकते हैं.
राजा क्रोधित होकर बोला- अनपढ़ मूर्ख. तू क्या मेरे राज ज्योतिषी से ज्यादा जानता है.
अनुचरों ने भी कुम्हार का उपहास उड़ाया और सब जंगल की ओर कूच कर गये. अभी घने जंगल में पहुंचे ही थे कि जोर का आंधी-तूफान शुरू हो गया. तेज आंधी और मुसलाधार वर्षा. आसपास कोई सुरक्षित स्थान नहीं दिख रहा था.
राजा ने सोचा- काश, कुम्हार की बात मान लेता. वह निश्चित ही राज-ज्योतिषी से अधिक ज्ञानी है. तूफान शांत होने पर निराश राजा महल लौट गया. अगले ही दिन राजा ने कुम्हार को बुला कर उसे राज ज्योतिषी की गद्दी पर बिठाने की बात कही.
कुम्हार राजा की कमजोरी भांप चुका था. उसने बुद्धिमता से काम लिया और कहा- महाराज, आंधी तूफानवाली बात तो मैंने अपने गधे को देख कर कही थी. वह अपने कान खड़े कर ढेंचू-ढेंचू बोल कर तूफान का संकेत दे रहा था. आप चाहें, तो गधे को गद्दी पर बिठा सकते हैं. राजा को अपनी भूल का एहसास हो गया था, उस दिन के बाद से उसने ज्योतिषी पर अंधविश्वास करना छोड़ दिया और अपने विवेक से निर्णय लेने लगा.
- बात पते की
* अंधविश्वास आपके काम में एक बड़ी रुकावट है, क्योंकि इसके कारण आपको शर्तो के साथ काम करना पड़ता है.
* अगर आपका भी कोई लकी नंबर या लकी डे है, तो उसे काम के बीच न आने दें.
 
 
                                                                                                                                            
 

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