जिन्दगी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
जिन्दगी लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

सोमवार, 19 अगस्त 2013

हाइकू : जिन्दगी का सफर






१. 
ढूंढते रहे 
सुखो की कतरन 
उम्र गुजरी 

२. 
आशा की नाव 
जिन्दगी का सफर 
बहती नदी 

३. 
यादों के फंदे 
अनसुलझे भेद 
मिट न पाए 

४. 
नदी की धारा 
इच्छाओं का सफर 
कभी न रुके 

५. 
घना अन्धेरा 
जीवन बदरंग 
उलझे रास्ते 

६. 
भ्रमित मन 
बुनता मायाजाल 
निकले कैसे 

७. 
आशा के बीज 
जीवन की  किरण 
पुष्पित होंगे 

८. 
प्रेम व् ज्ञान 
छलके तो ही अच्छा 
मिटे अज्ञान 


कृपया शिल्पगत कमियों के तरफ ध्यान आकर्षित कराएँ-धन्यबाद   

रविवार, 10 मार्च 2013

कामयाबी की मंजिलें



 

हर तरफ छाया है अँधेरा
दिखता नही सवेरा
जिन्दगी में है बेरुखी का आलम
हर डाल के पत्ते है सुर्ख
खो गया है मंजिलों के रास्ते
नहीं रहा अब खुशियों से वास्ता
जिन्दगी के इम्तिहाँ
तोड़ रहें मेरा हौसला
रुकने के कगार पर
जिन्दगी के कामयाबी के कारवाँ
मेरे जज्बात उड़ रहें
बिपरीत हवाओं के साथ
जिन्दगी की तन्हाई लग रही
तूफान के बाद छाये सन्नाटे की तरह
खुशी के नगमे भी लगते
दर्द भरी शायरी की तरह
जिन्दगी के उलझे हैं सारे तार
मकड़ी की जालों की तरह
अब तो दोस्तों की सलाहियत भी
लगते रेगिस्तानी काँटों की तरह
पर,
जिन्दगी टूट कर बिखरने से पहले
सोये आत्मविश्वास में
हुआ एक उजाला सबेरा
लगता अब तोड़ पाउँगा
उलझनों का तिलस्म
जीवन है संघर्ष 
लड़कर ही इसे पाना है
अब दूर नहीं रही
मेरी कामयाबी की मंजिलें. 
 

बुधवार, 23 जनवरी 2013

बीते हुए पल





 
              बीते हुए पल को याद कर रोना अच्छा लगता है,
              हम भी यादों में पागल हो जायेंगे ऐसा लगता है। 
                         हसीन पलों  की  यादें  रोज ही मिलने  आती है,
                         अँधेरे दिलो में अब तो ख्वाबो का मेला लगता है।
              प्यार के  दो ... मीठे बोल के तरसते हुए दिल को,
              अपने आँसूं के बूंदे ... ही अब समन्दर लगता है।
                         किसको अपना कहूँ कौन इस दुनियाँ में पराया,
                         गम-ए-सार दिल में तो अभी एक चेहरा अपना है।
              कभी कभी तेरी यादों के सावली रातों ......... में,
              बहते अश्को का ही समन्दर ..... नजर आता है।
                          "राज" दुनियाँ  में  चुप ही  रहे तो  बेहतर है,
                           राई से पहाड़ बनाना तो लोगो की फितरत है।
              गुल-ए-चमन में जाग  कर रात-रात भर .........,
              बीते हुए पल को याद कर रोना अच्छा लगता है।

 

मंगलवार, 25 दिसंबर 2012

दीवानों की तरह


आप मेरे गलियों में आये हैं दीवानों की तरह,
मैं चला जाऊंगा कहीं  और बहानों  की तरह।

ऐसे न देखिये हमे हम दीवाना हुए जा रहें,

कसम खा के कह रहें हम परवाने हुए जा रहें।

हम तो मर जायेंगे अब यहाँ लाशो की तरह,

आप मेरे गलियों में आये हैं दीवानों की तरह,

ऐसे पलक ना झुकाइए शर्म के ......मारे मारे,

कितना प्यार करते हैं हमे बताइये ऐ  प्यारे।

हम पर भी बरस जाईये  बरसातों  की तरह,

आप मेरे गलियों में आये हैं दीवानों की तरह।

क्यों मिलते हैं हमसे अंजानो को तरह,

आ जाओ पास हमारे दीवानों की तरह।

दिल से जुदा "राज" को पहचानेगे किधर,

आप मेरे गलियों में आये हैं दीवानों की तरह।






मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

अंधेरे दिल में


 तुम्हारी यादों को सीने से लगा रखा है,
 अंधेरे दिल में एक चिराग जला रखा है।
 जीने की उम्मीद जागी है तुमसे लाख कर,
हमने सेहरा को शबनम से साजा रखा है।
तुम्हारे इंतज़ार में खुली है कब से आंखें,
हमने  राहों में  पलको को बिछा  रखा है।
 हर लम्हा उन्ही कीयाद में तडपता है दिल,
दर्दे दिल को हमने पत्थरों सा दबा  रखा है।
 उनको भी नहीं मालूम कितना चाहते है हम, 
प्यार में उनके हमने खुद को भुला रखा है।
 जिंदगी है जब तक  सिर्फ उन्हें  ही चाहेंगे, 
 
दिल में "राज"  ने राज़ को छुपा  रखा है।





                            



सोमवार, 3 दिसंबर 2012

सदाए कैद करूं-गज़ल


सदाए कैद करूं  या आहटे  चुरा  ले जाउ,
महकते जिस्म की खुशबुए चुरा ले जाऊ।
                                तेरी अमानते महफूज रख न पाउँगा,
                                दुबारा लौट के आने का वादा न कर पाउँगा।
बला के शोर है तूफ़ान आ गया शायद,
कहाँ  का वक्त ऐ सफर खुद को ही बचा ले जाऊ।
                                कहना  है दरिया का  यह शर्त हार जायेगा,
                                जो एक दिन में उसे साथ बहा ले जाऊ।
अभी और न जाने कहाँ कहाँ भटकु,
कभी बहाया था दरिया में जो दिया ले जाऊ।



बुधवार, 28 नवंबर 2012

जिन्दगी मयखाना है-गज़ल



जिन्दगी मयखाना है मदहोश होकर  जीना है,
कुरुक्षेत्र में आना है तो कुछ तो जरुर  खोना है।

जीवन एक संघर्ष है तो लड़कर ही कुछ पाना है,
तदिर का खेल है सुख-दुःख को आना जाना है।

कुछ लोग कायर है हर कदम पर गम को पीना है,
बाजुओं में दम है फिर भी ये करनी को रोना  है।

जीवन का सत्य है _______जहर को  खाना  है,
सुख वही है लूटो जो दूसरों के नसीब का दाना है।

चिता की अग्नि से लौटकर ख़ुशीके गीत गाना है,
अंतिम अरमान यही है चैन की नींद   सोना है।

चक्र यूं ही चलता रहता है "राज" बीज बोना है,
जिन्दगी मयखाना है _मदहोश होकर जीना है।



                                                           "धन्यबाद"

You might also like :

Related Posts Plugin for WordPress, Blogger...