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रविवार, 14 दिसंबर 2014

बर्फीली सर्दी: हाइकू


१. 
बर्फीली सर्दी 
ठिठुरते इंसान 
शीत लहर 
२. 
सर्द हवाएँ 
कपकपाते लोग 
दुबके हुए 
३. 
सर्दी की रात 
कंबल न रजाई 
आफत आयी 
४. 
छिपा सूरज 
अस्त व्यस्त जीवन 
धुंध ही धुंध 
५. 
कंपकपाते 
गरीबो के बदन 
अलाव प्यारा 
६. 
खून जमाती 
काटे नहीं कटती 
जाड़े की रात 
७. 
सूर्य दर्शन 
कुहरे की चादर 
है दुर्लभ 
८. 
सर्दी की राते 
प्रियतम की यादें 
व्याकुल मन 
९. 
सर्द है रात 
ठिठुरता बदन 
कैसे कटेगी 
१० 
सर्दी की धूप 
लगे सुहावना 
मन को भाये 
११. 
कांपते हाथ 
गर्म चाय की प्याली 
देती राहत 
******
धन्यबाद 

सोमवार, 19 मई 2014

प्रचण्ड गर्मी-(हाइकू)

१. 
प्रचण्ड गर्मी 
तन को झुलसाती 
जीना मुहाल 
२. 
आग लगाये 
जेठ की दुपहरी 
मन व्याकुल 
३. 
प्यासे परिन्दे 
गर्मी से अकुलाए 
दाना न पानी 
४. 
चुभती गर्मी 
धूप की चिंगारियां 
मार डालेगी 
५. 
लम्बी डगर 
छाया को तरसते 
थके पथिक 
६. 
सुनी गलियाँ 
चिलचिलाती धूप 
छाया सन्नाटा 
७. 
चोंच को खोले 
पानी को तरसते 
बेचारे पंछी 
८. 
खीरा ककड़ी 
मन को ललचाये 
दे शीतलता 
९. 
देते ताजगी  
तरावट भरते 
आम पुदीना 
१०. 
गन्ने का रस 
नियमित सेवन 
लाभदायक 
११. 
गर्मी के दिन 
खिले अमलतास 
मन को भाये 

सोमवार, 27 जनवरी 2014

सर्दी के दिन:हाइकू


१. 
सर्दी के दिन
ठिठुरते इंसान
लाया कहर 

शीत लहर 
पिया हैं परदेश 
व्याकुल मन 
३. 
सर्द हवाएं 
बेदर्द हुई सर्दी 
आफत आई 

४. 
कापते हाथ 
ठिठुरता बदन 
ओढ  रजाई 
५. 
कंपाती  भोर 
रजाई में दुबके 
सिकुड़े हुए 

६. 
छिपा सूरज 
कुहरे की चादर 
धुंध ही धुंध 
७. 
सर्दी की रात 
काटे नही कटती 
खून जमाती 

८. 
जाड़े की धूप  
गुनगुनाती तपिस 
सुहाना  लगे 
९. 
सर्द मौसम 
अस्त व्यस्त जीवन 
अलाव प्यारा 
१०. 
लाया शिशिर 
सर्दी की  मीठी धूप 
गुलाबी ठंढ 
११. 
सर्द है रात 
वसेरा फुटपाथ 
दीन अनाथ 
१२. 
ओस की बूँदें 
मोतियों से चमके 
मनभावन 

रविवार, 20 अक्तूबर 2013

रिश्तों की डोर : हाइकू




१. 
रिश्तों की डोर 
अटूट है बन्धन 
टूटे न टूटे 

२. 
प्रचंड धूप 
सुख-दुख का तूफां
अटल प्यार 

३. 
प्रीत का रंग 
सुनहरी किरण 
मन चंद्रिका 

४. 
मन हमेशा 
प्रियतम के साथ 
नही अकेला 

५. 
सहज स्नेह 
हरपल बरसे 
नैनों में दिखे 

६. 
भवरें गाते 
मधुरम संगीत 
हर्षित मन 

७. 
साथ हमारा 
चंपा संग चमेली 
रहे हमेशा 

शनिवार, 7 सितंबर 2013

धरा के रंग



१. 
धरा के रंग 
सजी-सँवरी दुल्हन 
सुहाने लगे 

२. 
स्वर्ण सा दिखे 
चाँद की चाँदनी में 
अमलताश  

३. 
ओस की बूंदें 
घास  पर पसरी 
मानो  है मोती 

४. 
ओस बेचारी 
जीवन मनोरम 
रात का साथ

५. 
छटा बिखेरे 
चंद्रमा की किरणे 
स्वच्छ चाँदनी 

६. 
भोर की हवा 
जीवन का अमृत 
निरोगी काया 

७. 
हुआ सवेरा 
आकाश की लालिमा 
सुहानी  लगे  


सोमवार, 19 अगस्त 2013

हाइकू : जिन्दगी का सफर






१. 
ढूंढते रहे 
सुखो की कतरन 
उम्र गुजरी 

२. 
आशा की नाव 
जिन्दगी का सफर 
बहती नदी 

३. 
यादों के फंदे 
अनसुलझे भेद 
मिट न पाए 

४. 
नदी की धारा 
इच्छाओं का सफर 
कभी न रुके 

५. 
घना अन्धेरा 
जीवन बदरंग 
उलझे रास्ते 

६. 
भ्रमित मन 
बुनता मायाजाल 
निकले कैसे 

७. 
आशा के बीज 
जीवन की  किरण 
पुष्पित होंगे 

८. 
प्रेम व् ज्ञान 
छलके तो ही अच्छा 
मिटे अज्ञान 


कृपया शिल्पगत कमियों के तरफ ध्यान आकर्षित कराएँ-धन्यबाद   

शनिवार, 20 जुलाई 2013

माँ निरूपमा : हाइकू






माँ की ममता
है बड़ी अनमोल 
माँ निरुपमा 

२. 
दया की मूर्ति 
लुटाती हैं खुशियाँ
क्षमा का मूल

३. 
उठे जो हाथ
खुशहाली के लिए 
माँ अनपूर्णा

४. 
माँ का आँचल 
स्नेह का महाकोष
जिन्दा जन्नत

५. 
ज्ञान की देवी 
माँ पथ-प्रदर्शक 
हमेशा आगे 

६. 
माँ का आँचल 
ममता भरी छावं 
सदा पावन

७. 
रूप अनेक 
सर्वस्व पूजनीय 
सुख दायिनी 


मंगलवार, 28 मई 2013

झुलसता बदन :हाइकू




१.
आग लगाये 
झुलसता बदन 
गर्मी के दिन 

२.
सूखे तलाब
अब न आते पंक्षी 
वीरान हुआ 

३.
गर्म हवायें
सुलगी दोपहरी 
मन व्याकुल 

४.
पागल हवा 
उजाड डाला नीड
बेबस  पंक्षी

५.
प्रचंड धूप
बह रहा पसीना 
जला बदन 

६.
बढ़ गयीं है 
हवा की धड़कन 
जीना बेहाल

७.
ब्याकुल पंक्षी 
गर्मी से अकुलाए
छाया सन्नाटा

८.
दम्भी सूरज 
खेले आँख मिचोली 
आग का गोला 

९.
खीरा ककड़ी 
मन को ललचाये
शीतलता दे 


शुक्रवार, 24 मई 2013

बेटी का जन्म :हाइकू




१.
बेटी का जन्म
मातम है घर में
एक संकट

२.
पिता गरीब 
जिन्दगी बदतर 
चिंता सताए 

३.
आखों में आसूँ
दिखे न कोई रास्ता 
अपना कौन 

४.
बेटी परायी 
कब तक चलेगा
क्यों चुपचाप?

५.
भ्रम को तोडें 
बेटी है तो कल ही 
सीख लें अब 

६.
बिना बेटी के 
आंगन होता सूना 
दुनियाँ माने

७.
घर को लक्ष्मी 
देती है खुशहाली 
सदा से बेटी

रविवार, 12 मई 2013

माँ का आशीष :हाइकू

सभी कामनाओं को त्याग देती है माँ, क्यूंकि माँ को सबसे बड़ा सुख उसकी संतानों के हर्ष से मिलता है! तो आइये इस अनमोल चरित्र माँ को नमन करें!

१.
माँ की ममता 
सुन्दर एहसास
प्यार की देवी 

२.
माँ की दुआएँ 
अनमोल खजाना 
बरसती है 

३.
आँखों में सदा 
स्वप्न लिए रहती 
बने समर्थ 

४.
पुत्र कुपुत्र 
माता नहीं कुमाता 
स्नेह की छाया

५.
देख लेती है 
हमारी खुशहाली 
अंधी आँखों से 

६.
जब भी मिले 
आँखों से छलकता 
नेह के आंसू 

७.
माँ का आशीष 
रब का वरदान 
हमेशा साथ 

शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013

"धरा बचायें: हाइकू"





१.
पृथ्वी की गोद
पेड़ों की हरियाली
सूनी पड़ी है

२.
कटते वृक्ष
बढ़ता प्रदुषण
चिन्ता सताए

३.
रोती जमीन
प्रकृति की लाचारी
जख्मी आँचल

४.
उड़ते मेघ
सींचे कैसे धरती
सुखी नदियाँ

५.
सुनी बगिया
कोयल भी खामोश
खो गयी कहाँ

६.
थके पथिक
छाया को तरसते
मिली न छाया

७.
वन से जल
जल से है जीवन
इसे बचायें

८.
जल जीवन
जल है तो कल है
सभल जाएँ

९.
गंगा-यमुना
होती है रोज मैली
रखें निर्मल

१०.
लगायें पेड़
फैलायें हरियाली
धरा बचायें



"हम सभी जो कि इस स्वच्छ श्यामला धरा के रहवासी हैं हमारा यह दायित्व है कि दुनिया में क़दम रखने से लेकर आखिरी साँस तक हम पर प्यार लुटाने वाली इस धरा को बचाए रखने के लिए जो भी कर सकें करें, क्योंकि यह वही धरती है जो हमारे बाद भी हमारी निशानियों को अपने सीने से लगाकर रखेगी। लेकिन यह तभी संभव होगा जब वह हरी-भरी तथा प्रदूषण से मुक्त रहे और उसे यह उपहार आप ही दे सकते हैं। "

शनिवार, 6 अप्रैल 2013

माँ की ममता :हाइकू








१.
माँ का आँचल 
कोमल अहसास

सदा पावन

२.

माँ का दुलार

ममता भरी छावं 

सुखद यादें 
३.
माँ से जीवन 
तन मन हरसे 
खुशियाँ लाये
४.
माँ क्या होती है ?
दया की प्रतिमूर्ति 
अमर  स्रोत 
५.
दूध का कर्ज 
ऋण है जीवन में
अनमोल है 

६.
बरसो बीते 
माँ से बिछड़ते 
दर्द में डूबे 
७.
रक्षा करता 

बीच मझधार में

माँ का आशीष 




"माँ पर कुछ लिखना आसान नहीं होता, लेकिन यह भी है कि माँ पर लिखना सबसे ज्यादा हीं संतोषप्रद होता है।"

मंगलवार, 26 मार्च 2013

हाइकू: होली आयी







१.
रंग -रंगीली
उड़े  रंग गुलाल
आई रे होली
 
२.
बरसे रंग
अबरक केशर
होली पे आज
 
३.
थोडा सा रंग
गुलाल की बौछार
साजन संग
 
४.
चुनरी उड़ी
सतरंगों में रंगी
हवा के संग
 
५.
रंगों की धूम
बरबस लुभाती
प्रेम की होली
 
६.
रूप अनोखा
हुड़दंगो की टोली
मदमस्त हैं
 
७.
भांग मिठाई
पिया के संग होली
आई बहार
 
८.
रंग तरंग
बाजे ढोल मंजीरा
छायी है मस्ती  
 
९.
उषा की लाली
आँगन में रंगोली
छायी खुशियाँ



आप सभी को होली की हार्दिक शुभकामनाएँ !






 

शुक्रवार, 22 मार्च 2013

हाइकू :नवजीवन


 
१.
मेरी ही छाया
करती मेरी पीछा
भागता रहा
२.
मन भी सदा
रहता  चिन्तन में
अँधियारा है
३.
करता रहा
रौशनी की तलाश
व्यर्थ का काम
४.
चलती नैया
साहिल के सहारे
लम्बा सफर
५.
अंजाना रास्ता
जोश पर सागर
भटकते हैं
६.
थमा तूफान
छट गया अँधेरा
निकला चाँद
७.
सूरज उगा
मिला नवजीवन
आई बहार
 
 

विशेष : प्रिय मित्रों मैं  हाइकू लिखने का अभी प्रयास ही कर रहा हूँ,इसके मर्म को समझने का कोशिस कर रहा हूँ.आपसब से मार्गदर्शन की आशा है.

 

बुधवार, 13 मार्च 2013

हाइकू:गर्मी के दिन




१.
बेछत घर
तड़पती जिन्दगी
झुलसते हैं
२.
व्याकुल मन
तपता अंगनारा
छाया सन्नाटा
३.
चुभती धूप
गर्मी से अकुलाये
छिपे परिन्दे
४.
थके पथिक
छाया को तरसते
जलते पांव
५.
आग लगाये
सूखे कण्ठ कोकिला
गर्मी के दिन
६.
पेड़ों की छाया
जेठ की दुपहरी
बात निराली
७.
हो रही शाम
लालिमा आकाश में
छिपता सूरज
८.
दिन तपता
खुद ही सिमटता
रात सुहानी
 
 







 

शुक्रवार, 8 मार्च 2013

मौसम: हाइकू



१.
देखता रहा
बदलते मौसम
छाया अँधेरा
 
२.
हवा के झोंके  
पुल्कित पेड़-पौधे
सिमट गये
 
३.
दिशा बदले
उड़ते हुए पंक्षी
लौट के आये
 
४.
उमड़े मेघ
रिम-झिम  बारिस
बरस गये
 
५.
धरा के रंग
फैली है हरियाली
सुहाना लगे
 
६.
अँधेरी रात
बादलों की ओट से
झाँकता चाँद
 
७.
तारे सितारे
उड़ रहे जुगनू 
चमकते हैं
 
८.
खिला गगन
महकता चमन
फैली चाँदनी



 

बुधवार, 27 फ़रवरी 2013

हाइकू :प्रभु नाम की




 
दुखी जीवन  
काम क्रोध लोभ से  
हुआ बेहाल 
 
प्रभु नाम की
मन के आँगन में
जलते दीप 
 
जबसे मिला
प्रभु नाम का साथ
जीवन धन्य
 
मिला सकून
मन के उपवन
खिलते फुल
 
तपती धूप
कृपारुपी छाया में
चलते रहे
 
नश्वर देह
जग के आकर्षण
मोहमाया है
 
उड़ जायेगा
मिट्टी रूपी शरीर
बिना सवारी



 

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