१.
आग लगाये
झुलसता बदन
गर्मी के दिन
२.
सूखे तलाब
अब न आते पंक्षी
वीरान हुआ
३.
गर्म हवायें
सुलगी दोपहरी
मन व्याकुल
४.
पागल हवा
उजाड डाला नीड
बेबस पंक्षी
५.
प्रचंड धूप
बह रहा पसीना
जला बदन
६.
बढ़ गयीं है
हवा की धड़कन
जीना बेहाल
७.
ब्याकुल पंक्षी
गर्मी से अकुलाए
छाया सन्नाटा
८.
दम्भी सूरज
खेले आँख मिचोली
आग का गोला
९.
खीरा ककड़ी
मन को ललचाये
शीतलता दे
