बुधवार, 29 मई 2013

झुलसता बदन :हाइकू




१.
आग लगाये 
झुलसता बदन 
गर्मी के दिन 

२.
सूखे तलाब
अब न आते पंक्षी 
वीरान हुआ 

३.
गर्म हवायें
सुलगी दोपहरी 
मन व्याकुल 

४.
पागल हवा 
उजाड डाला नीड
बेबस  पंक्षी

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५.
प्रचंड धूप
बह रहा पसीना 
जला बदन 

६.
बढ़ गयीं है 
हवा की धड़कन 
जीना बेहाल

७.
ब्याकुल पंक्षी 
गर्मी से अकुलाए
छाया सन्नाटा

८.
दम्भी सूरज 
खेले आँख मिचोली 
आग का गोला 

९.
खीरा ककड़ी 
मन को ललचाये
शीतलता दे 


25 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत उम्दा,लाजबाब हाइकू के लिए ,,बधाई राजेन्द्र जी

    Recent post: ओ प्यारी लली,

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  2. गर्मी से सरावोर हएकू बेहद सार्थक !!

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  3. वाह.बहुत उम्दा हाइकू .बेहतरीन

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  4. बहुत उम्दा हाइकू .बेहतरीन,धन्यबाद.

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  5. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,सभी हाइकू बेहतरीन हैं.

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  6. गर्मी से सरावोर हाइकू, बेहद सार्थक !!शुक्रिया.

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  7. गर्मी का सुन्दर वर्णन हाइकू के माध्यम से,बहुत ही सुन्दर.

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  8. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति,आभार है आपका.

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  9. बहुत उम्दा,लाजबाब बधाई राजेन्द्र जी।

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  10. गर्मी की तपनता को लिए सुन्दर हाइकू !!

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  11. गर्मी का एहसास करा गए सभी हाइकू ... लाजवाब हैं बहुत ...

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