शुक्रवार, 22 मार्च 2013

हाइकू :नवजीवन


 
१.
मेरी ही छाया
करती मेरी पीछा
भागता रहा
२.
मन भी सदा
रहता  चिन्तन में
अँधियारा है
३.
करता रहा
रौशनी की तलाश
व्यर्थ का काम
४.
चलती नैया
साहिल के सहारे
लम्बा सफर
५.
अंजाना रास्ता
जोश पर सागर
भटकते हैं
६.
थमा तूफान
छट गया अँधेरा
निकला चाँद
७.
सूरज उगा
मिला नवजीवन
आई बहार
 
 

विशेष : प्रिय मित्रों मैं  हाइकू लिखने का अभी प्रयास ही कर रहा हूँ,इसके मर्म को समझने का कोशिस कर रहा हूँ.आपसब से मार्गदर्शन की आशा है.

 

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