शनिवार, 23 मार्च 2013

हाइकू :नवजीवन


 
१.
मेरी ही छाया
करती मेरी पीछा
भागता रहा
२.
मन भी सदा
रहता  चिन्तन में
अँधियारा है
३.
करता रहा
रौशनी की तलाश
व्यर्थ का काम
४.
चलती नैया
साहिल के सहारे
लम्बा सफर
५.
अंजाना रास्ता
जोश पर सागर
भटकते हैं
६.
थमा तूफान
छट गया अँधेरा
निकला चाँद
७.
सूरज उगा
मिला नवजीवन
आई बहार
 
 

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विशेष : प्रिय मित्रों मैं  हाइकू लिखने का अभी प्रयास ही कर रहा हूँ,इसके मर्म को समझने का कोशिस कर रहा हूँ.आपसब से मार्गदर्शन की आशा है.

 

34 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत ही सुन्दर बने हैं हाइकू,धन्यबाद.

    जवाब देंहटाएं
  2. करता रहा
    रोशनी की तलाश
    व्यर्थ का काम
    बहुत सफल प्रयास श्री राजेन्द्र जी
    अग्रिम शुभकामनाएं..

    जवाब देंहटाएं
  3. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    जवाब देंहटाएं
  4. अच्छा प्रयास है...लिखते रहिए...बधाई और शुभकामनाएँ!
    समय निकालकर कभी

    http://hindihaiku.blogspot.in/

    पर भी हाइकुओं को देखें:

    होली की शुभकामनाएँ!
    सादर/सप्रेम,
    सारिका मुकेश

    जवाब देंहटाएं
  5. सफल प्रयास ....
    बहुत-बहुत शुभकामनाएं .....

    जवाब देंहटाएं
  6. बहुत ही सार्थक हाइकू,बेहतरीन प्रस्तुति.

    जवाब देंहटाएं
  7. बहुत बढ़िया ...
    लिखते रहिये , मेरी शुभकामनाये आपके साथ है

    जवाब देंहटाएं
  8. बहुत ही सुन्दर,सार्थक हाइकू

    जवाब देंहटाएं
  9. मेरी ही छाया
    करती मेरी पीछा
    भागता रहा

    ....बहुत सुन्दर और सार्थक हाइकु....

    जवाब देंहटाएं
  10. बढ़िया पोस्ट शुक्रिया आपकी टिप्पणियों का .बढ़िया हाइकू बढ़िया बिम्ब ,भाव कणिकाएं .

    जवाब देंहटाएं
  11. बहुत ही बढियां हाइकू हैं.

    जवाब देंहटाएं
  12. सार्थक हैं सभी हैकू...आभार

    जवाब देंहटाएं
  13. सूरज उगा
    मिला नवजीवन
    आई बहार

    बहुत ही उम्दा किस्म के हाइकू,धन्यबाद मित्र.

    जवाब देंहटाएं
  14. बहुत ही सराहनीय प्रयास,सुन्दर हाइकू....

    जवाब देंहटाएं
  15. उत्साहवर्धन के लिए आप सभी को मेरा सादर आभार.

    जवाब देंहटाएं

  16. बहुत सुन्दर ...
    पधारें "चाँद से करती हूँ बातें "

    जवाब देंहटाएं
  17. बहुत ही बढियां हाइकू हैं...
    बेहतरीन..
    :-)

    जवाब देंहटाएं

  18. फाग मुबारक फाग की रीत और प्रीत मुबारक

    जवाब देंहटाएं
  19. फाग मुबारक फाग की रीत और प्रीत मुबारक

    १.
    मेरी ही छाया
    करती मेरी पीछा
    भागता रहा

    बहुत बढ़िया बिम्ब ,जीवन का यथार्थ कहो या हाइकू ,हाइपरटेंशन की तरह शाश्वत है .

    जवाब देंहटाएं
  20. Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947 28m
    ram ram bhai
    मुखपृष्ठ
    शनिवार, 23 मार्च 2013
    आखिर सारा प्रबंध इटली का ही तो है यहाँ .

    http://veerubhai1947.blogspot.in/
    Expand Reply Delete Favorite More
    Virendra Sharma ‏@Veerubhai1947 33m
    इटली के ही पास गिरवीं है भारत की नाक http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/2013/03/blog-post_23.html …
    Expand

    जवाब देंहटाएं



  21. सूरज उगा
    मिला नवजीवन
    आई बहार


    वाह ! सुंदर हाइकु !

    हार्दिक शुभकामनाओं मंगलकामनाओं सहित…
    -राजेन्द्र स्वर्णकार


    जवाब देंहटाएं
  22. छोटे-छोटे शद्ब पर गहरी अभिव्यक्ति की है हायकु में। जीवन के भीतर ऐसे कई प्रसंग होते हैं कि जो हमें भावुक करते हैं पर समय अभाव के कारण उन्हें बांधते नहीं जिससे भावनाओं की भी हानि होती है और खूबसूरत पलों की भी। राजेंद्र जी आपने समय पर इन पलों को संभाल कर शद्बों में सजाया है।

    जवाब देंहटाएं
  23. लाजवाब लाजवाब कोशिश है। बहुत जल्द इस विषय में भी पकड़ हो जाएगी।

    जवाब देंहटाएं
  24. बहुत सुंदर हाईकु !
    हाईकु विधा तो गागर में सागर भरने जैसा काम करती है...
    ~सादर!!!

    जवाब देंहटाएं
  25. बहुत ही सुन्दर हाइकू,बेहतरीन...

    जवाब देंहटाएं

आपकी मार्गदर्शन की आवश्यकता है,आपकी टिप्पणियाँ उत्साहवर्धन करती है, आपके कुछ शब्द रचनाकार के लिए अनमोल होते हैं,...आभार !!!