तुम्हारी यादें: हाइकू
तुम्हारी यादें आ रही है बहुत तड़पाती है। 2 इश्क के दर्द नजदीक से देखा देते है जख्म।
3 पुकार रही घर की दहलीज इन्तजार है। 4 आँखों के आँसूं रुका न अबतक बने तलाब। 5 नेक सलाह है अमल करना तुम्हारा काम। |
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चित्र Google से साभार।
बढ़िया हाइकू हैं भाई जी ||
जवाब देंहटाएंआभार भाई साहब।
हटाएंअनुठा खुब
जवाब देंहटाएंआपके हाईकू हैँ
प्रिय बहुत ।
आप भी तो प्रिय है।
हटाएंभाई जी इतने ग़म का जीवन में क्या करना | जिनको कद्र नहीं उनके लिए क्या रोना | अपना जीवन सिर्फ अपना है किसी के लिए इसे ख़राब क्या करना | खुल कर जियो और जीने दो की पद्दति अपनाएं और सदा खुश रहें | आभार
जवाब देंहटाएंTamasha-E-Zindagi
Tamashaezindagi FB Page
धन्यबाद,आप का मशवरा से सर आँखों पर।
हटाएंराजेन्दर जी बहुत अच्छा ,सुन्दर आपके उपर बिती हुई कहानी तो नही ।
जवाब देंहटाएंनहीं भाई साहब बाल बच्चे वाले हैं,आभार आपका ।
हटाएंयादों को संजोती बहुत बढ़ियाँ हाइकु.....
जवाब देंहटाएं:-)
आभार आपका।
हटाएंसुंदर हाइकु ...
जवाब देंहटाएंस्वागत है आपका,सादर।
हटाएंबहुत सुंदर,प्रसंसनीय बेहतरीन हाइकू,,,,राजेन्द्र जी बधाई,,,,
जवाब देंहटाएंRECENT POST बदनसीबी,
आभार है आपका,सादर।
हटाएंबहुत सुन्दर हाइकू।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर है आपका हाइकू,मन को बिचलित करने वाला।
जवाब देंहटाएंभाव बिम्ब ,भावों का कुहाँसा लिए हैं हाइकु .बहुत उत्कृष्ट कोटि पोस्ट .
जवाब देंहटाएंबहुत ही आभार है आपका।
जवाब देंहटाएंबहुत सुन्दर आपकि हाइकू है
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छा ,सुन्दर हाइकू
जवाब देंहटाएंBahut HI Badhiya Haiku....
जवाब देंहटाएंआपकी उत्कृष्ट प्रस्तुति आज शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।
जवाब देंहटाएंसादर आभार है आपका।
हटाएंआँख के आंसू
जवाब देंहटाएंरुके न अब तक
बना तालाब
बहुत सुंदर हाइकू
बहुत सुंदर लाजबाब हाइकू,
जवाब देंहटाएंRECENT POST: रिश्वत लिए वगैर...
सुंदर भावपूर्ण हाईकू
जवाब देंहटाएंबधाई
धन्यबाद
हटाएंसुन्दर हाइकू .... गहन भावों से भरपूर!
जवाब देंहटाएंधन्यबाद शालिनी जी।
हटाएंलाजवाब सभी हाइकू .. गहरा अर्थ कुछ लाइनो में लिए ....
जवाब देंहटाएंहर हाइकू....अपना गहरा अहसास दे रहा है ....
जवाब देंहटाएंशुभकामनायें!
sundar hiku....
जवाब देंहटाएंपुकार रही
जवाब देंहटाएंघर की दहलीज
इन्तजार है।
बहुत अच्छा हाइकू लगा....
सारिका मुकेश
http://sarikamukesh.blogspot.in
पुकार रही
जवाब देंहटाएंघर की दहलीज
इन्तजार है।
बहुत अच्छा हाइकू लगा....
सारिका मुकेश
http://sarikamukesh.blogspot.in